जीविका के लिए उत्तरांचल छोड़कर जो लोग शहरों में बस गए हैं, उन्हें हम उत्तराखंड लोक सस्कृति के माधयम से उत्तराखंड के समस्त परम्पराओ के साथ जोड़कर रखते है यही परम्पराएं अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं साथ ही साथ उत्तरांचल वासी होने का एहसास उनमें सदा जीवंत रहता है। यही हमारा प्रयास है की हम उत्तराखंड वासियो को अपने साथ जोड़ कर रखें जय उत्तराखंड
Friday, 17 July 2015
गढ़वाल उत्तराखंड लोक संस्कृति: उत्तराखण्ड त्रासदी परशिव को दोष मत दे रे ऐ बेगैरत ...
गढ़वाल उत्तराखंड लोक संस्कृति: उत्तराखण्ड त्रासदी परशिव को दोष मत दे रे ऐ बेगैरत ...: उत्तराखण्ड त्रासदी पर शिव को दोष मत दे रे ऐ बेगैरत इंसान दुषकर्मों का मिल रहा है ये तुझको ईनाम…1 शीश झुका म...
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